Poetry Archive

दोस्ती की माला

खुदा ने जिसे जाने, कितने रंगों में ढाला है, मोतियों से दोस्त हैं, ये दोस्ती की माला है !   मुश्किल के दौर में भी, जैसे नई उमंग है, हर मुश्किल आसान है,  गर दोस्त संग है !

ऐ हवा ले चल वहाँ, जहाँ तेरा ठिकाना है

ऐ हवा ले चल वहाँ, जहाँ तेरा ठिकाना है, आसमान पे नन्हे कदम, रख के हमको जाना है! हवा ज़रा मुड़ना इधर, सूरज से हाथ मिलना है, उस रस्ते से होके चल, जहाँ सितारों को टिम टिमाना

बीत जाते है लम्हे, मीठी याद बन जाती है

बीत जाते है लम्हे, मीठी याद बन जाती है छिपायी जो दिल की आरज़ू, फरियाद बन जाती है तितली के जैसे पकड़ने को, हम तो हाथ बढ़ाते है कुछ रंग हाथों में रह जाता है, लम्हे कहा