दोस्ती की माला

खुदा ने जिसे जाने, कितने रंगों में ढाला है,

मोतियों से दोस्त हैं, ये दोस्ती की माला है !

 

मुश्किल के दौर में भी, जैसे नई उमंग है,

हर मुश्किल आसान है,  गर दोस्त संग है !

 

अंधेरे में ये तारो से, पतझड़ में बहारो से,

महफिल का है जुदा रंग, प्यारे प्यारे यारो से !

 

जिंदगी के खेल में, जीत है कभी हार है,

हंसते गुज़रता है वक्त, जब संग तुम्हारा यार है !

 

किस्मत से मिलता है जो, ये कुछ ऐसा रिश्ता है,

कुछ दोस्त काजू किशमिश से, कोई बादाम और पिस्ता है !

 

धूप छाव सी ज़िंदगी में, यूही दोस्तों का साथ रहे,

गम हो या खुशी ऐ दोस्त, हाथों में तेरा हाथ रहे !

 

दुआ है यारों की यारी को, नज़र कोई लगाये ना,

दोस्ती कभी टूटे ना, मोती ये बिखर जाए ना !!

facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *